यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद 24 फरवरी को अमेरिका ने पहली बार रूस के साथ आधिकारिक वार्ता की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने शुक्रवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु से टेलीफोन पर बात की। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने दी है।

ऑस्टिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के दौरान उन्होंने कई बार रूसी रक्षा मंत्री से बात करने की कोशिश की, लेकिन शुक्रवार को बातचीत संभव हो सकी. ऑस्टिन ने दोनों देशों के बीच निरंतर वार्ता की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि वैश्विक शांति के लिए दोनों प्रमुख देशों के बीच संवाद कायम रखना जरूरी है। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच एक घंटे तक चली बातचीत के बावजूद यूक्रेन में युद्ध पर कोई सहमति नहीं बन सकी। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी के मुताबिक बातचीत के दौरान दोनों नेताओं का लहजा पेशेवर था.

रूसी समाचार एजेंसी टास के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि शोइगु ने अमेरिका से फोन पर बात की थी। वार्ता में यूक्रेन मुद्दे सहित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि यूक्रेन युद्ध के तुरंत बाद अमेरिका और रूस ने हॉटलाइन वार्ता की व्यवस्था की है। यह व्यवस्था बिना किसी देरी के की गई कार्रवाई के संबंध में किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए की गई है।

जहां अमेरिका और उसके सहयोगियों ने युद्ध लड़ रही यूक्रेन की सेना को लाखों करोड़ रुपये के हथियार भेजे हैं, वहीं रूस और उसकी कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इससे अमेरिका और रूस के बीच तनाव चरम पर है। युद्ध की शुरुआत के बाद से, अमेरिका ने यूक्रेन को लगभग 380 मिलियन डॉलर मूल्य के हथियार भेजे हैं। वहीं, इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने यूक्रेन के लिए 40 अरब डॉलर से अधिक की सहायता को मंजूरी दी थी। लेकिन इस प्रस्ताव को अभी तक सीनेट ने मंजूरी नहीं दी है। युद्ध के कारण अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित होने को मजबूर हो गए हैं।